कांग्रेस में 70 पार नेताओं को टिकट नहीं, फार्मूले की जद में कईं नेता

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जयपुर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए कांग्रेस के महाधिवेशन में राहुल गांधी ने युवा नेताओं को आगे लाने के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा टिकट देने का वादा किया था। राहुल के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि कांग्रेस अब चुनाव में 70 साल पार नेताओं को टिकट नहीं देने का फार्मूला अपना सकती है। अगर राजस्थान में भी यह फार्मूला लागू किया जाता है तो कईं दिग्गजों की टिकट खतरे में पड़ जाएगी। हालांकि फार्मूले की आहट से ही इन नेताओं ने अब अपनी नई पीढ़ी अथवा रिश्तेदारों को आगे लाना शुरु कर दिया है। कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर ताजपोशी पर विधिवत निर्वाचन की मुहर लग गई। कमान हाथ में आने के बाद राहुल कांग्रेस की मजबूती के लिए और चुनाव जीतने के लिए कईं नए प्रयोग और फार्मूले अपनाने में जुट गए हैं। एक फार्मूले के तहत राहुल गांधी 70 साल की उम्र पार करने वाले नेताओं को टिकट नहीं देने पर विचार कर रहे हैं। जिस तरह अधिवेशन में राहुल ने खुलकर युवाओं को टिकट देने की बात कही। साथ ही 25 फीसदी युवा नेताओं को एआईसीसी-पीसीसी सदस्य बनाया, उससे इस बात की प्रबल संभावनाएं है कि सत्तर पार को नो टिकट फार्मूला लागू किया जा सकता है। अगर राजस्थान में यह फार्मूला लागू हुआ तो कईं दिगग्ज और मौजूदा विधायकों की टिकट पर तलवार लटक जाएगी। राहुल गांधी ने हाल ही में अधिवेशन से पहले दिल्ली में बुलाई गई राजस्थान पार्टी के आला नेताओं की बैठक में इस फार्मूले पर विस्तार से चर्चा की। फार्मूले को लागू करने को लेकर एआईसीसी से लेकर पीसीसी तक चर्चाओं का दौर भी तेज है। इसके बाद ये नेता अपने बेटों और अन्य रिश्तेदारों को अब आगे लाने में जुट गए हैं। हालांकि इनमें से अधिकतर नेता अपने बेटों को पहले ही अपने प्रचार और पंचायत-निकाय चुनाव में प्रोजेक्ट कर चुके हैं। अपवाद को छोड़कर फार्मूले को लागू करना लगभग फाइनल माना जा रहा है। बता दें कि हाल ही में गोवा पीसीसी चीफ को इसलिए इस्तीफा देना पड़ा, क्योंकि वो सत्तर की आयु पार कर गए थे। हालांकि यह सच है और सर्वविदित है कि कांग्रेस चुनाव से पहले प्रत्याशी चयन के लिए इस तरह के फार्मूले तो खूब लाती है, लेकिन ऐन वक्त पर तमाम फार्मूले और मापदंड ताक में रख दिए जाते हैं। इस बार राहुल राज में कांग्रेस में ऐसे फार्मूले सख्ती से लागू करने के दावे उनके खास नेताओं ने किए हैं। राहुल गुजरात चुनाव में यह फार्मूला अपना चुके हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर है कि क्या वाकई राहुल अबकी बार 70 पार नेताओं को रिटायरमेंद दे देंगे।

ये हैं राज्य में 70 साल पार के नेता….

नाम सीट      उम्र  
चौधरी नारायण सिंह दांतारामगढ़—सीकर 84
डॉ हरीसिंह फुलेरा, जयपुर 81
प्रद्युमन सिंह राजाखेडा, धौलपुर 80
भंवरलाल शर्मा सरदारशहर, चूरु 78
रामनारायण मीणा देवली-उनियारा, टोंक 76
अमीन खां शिव, बाड़मेर 78
दयाराम परमार खेरवाड़ा, उदयपुर 78
शांतिकुमार धारिवाल कोटा नोर्थ 75
नमोनारायण मीणा देवली-उनियारा, टोंक 74
करणसिंह यादव बहरोड़, अलवर 72
डॉ जितेन्द्र सिंह गुर्जर खेतड़ी, झुंझुनूं 72
गुरमित कुन्नर करणपुर, श्रीगंगानगर 71
विनोद लीलावांली हनुमानगढ़ 71
दुर्रु मियां तिजारा, अलवर 74
बृजकिशोर शर्मा हवामहल, जयपुर 72
रामचंद्र सराधना विराटनगर, जयपुर 71
नाथूराम सिनोदिया किशनगढ़, अजमेर 71
गंगाजल मील सूरतगढ़, श्रीगंगानगर 76
गिरिजा व्यास उदयपुर 72

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