Home शेष विशेष मनोरंजन मै एक सर्वाइवर हूं, विक्टिम नहीं- सुनैना रोशन

मै एक सर्वाइवर हूं, विक्टिम नहीं- सुनैना रोशन

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बाड़मेर टाइम्स ब्यूरो 

मुम्बई- रितिक रोशन की बहन सुनैना ब्लॉग्ज की एक श्रृंखला के माध्यम से अपनी जिंदगी की लड़ाई को देश की जनता के सामने पेश करने वाली  हैं ताकि दूसरों को ज़िन्दगी की कठिन लड़ाई लड़ने के लिए प्रोत्साहित कर सके।रितिक रोशन की बहन सुनैना टूटी हुई शादी, डिप्रेशन, मधुमेह और हाइपरटेंशन, बैरिएट्रिक सर्जरी, मानसिक दिक्कत और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर जैसी चुनोतिपूर्ण स्थिति का सामना कर चुकी है। इतना सब होने के बावजूद वह अब ओर ज़्यादा मजबूत हो गयी है और अपने प्रेरणात्मक ब्लॉग के जरिये अपने अनुभव साझा करने के लिए इक्छुक है।

अपनी स्थिति के बारे में बात करते हुए सुनैना ने कहा,”मेरा परिवार हर स्थिति में मेरे साथ खड़ा रहा है लेकिन सबसे पहले आपको कठिनाइयों से लड़ने और उससे बाहर निकलने के लिए अपना मन बनाना पड़ता है। आपके सिवाय कोई भी इसमे आपकी मदद नहीं कर सकता है।” आगे इस मामले में सुनैना ने कहा वह अपने माता-पिता, राकेश और पिंकी रोशन, बेटी सुरनिका और रितिक के लिए जीना चाहती थी।

सुनैना ने इस बात को स्वीकार किया है कि बहुत बार उन्हें लगता है कि वह कमज़ोर पड़ रही है लेकिन चंद मिनट में ही वह इस ख्याल को अपने दिमाग से निकाल देती है। अपनी मुस्कुराहट के साथ उन्होंने कहा,”ज़िन्दगी बहुत खूबसूरत है, इसलिए आँसू में इसे बर्बाद न करे। जब आपकी समस्याएं आपके लिए बहुत अधिक हो जाती हैं, तो एक ऐसे चैनल का रुक करे जो खुशियों से भरपूर चीज़ों का प्रसारण का रहा है।”

वह अपने अभिनेता-भाई रितिक रोशन को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती है। सिद्धार्थ आनंद की एक्शन थ्रिलर बैंग बैंग के सेट पर हुए घातक एक्सीडेंट की वजह उन्हें एक जानलेवा सर्जरी से गुज़रना पड़ा, और इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद वह आज फिट है और सुनैना जिम और डाइट के मामले में रितिक के नक्शेकदम पर चलने की आकांक्षा रखती है।

सुनैना ने विश्वास के साथ कहा कि,”मेरे माता-पिता भी कसरत करते है लेकिन मुझे जिम जा कर ट्रेनिंग करने के लिए खुद को पुश करने की ज़रूरत पड़ती है। मैंने जुम्बा शुरू किया जिसमें मुझे वाकई में मज़ा आता है और हर दिन एक घंटा टहलने में बिताती हूं। मुझे थोड़ा और वजन कम करने की ज़रूरत है जो जल्द ही साकार होगा।”

सुनैना ने अध्याय में अपनी यात्रा का वर्णन किया है जिसमे जीवन के हर मुश्किल पहलू में मददगार साबित हुए परिवार के प्रत्येक सदस्य के बारे में बताया गया है। “मैं दुनियाभर के लोगों को प्रेरित करना चाहती हूँ।अगर ब्लॉग सफल होता है तो मैं किताब लिखने और टेड शो पर जाने के बारे में सोचूँगी। मैं चाहती हूँ कि लोग सर्वाइवर कार्ड खेले, न कि विक्टिम कार्ड।”, सुनैना ने आगे बताते हुए कहा सुनैना ने कहा अब उनकी आंखों से हार के नहीं, जीत के आँसू आते है।

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