गोरखपुर: दिमागी बुखार से पांच और बच्चों की मौत, इस साल कुल 144 मौतें

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में पिछले 48 घंटे के दौरान इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) की वजह से पांच और बच्चों की मौत हो गई। अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय के मुताबिक 15 और 16 अगस्त को इंसेफेलाइटिस के कुल पांच मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 144 हो गई है। पिछले दो दिन के दौरान इंसेफेलाइटिस के 14 नए मरीज भर्ती किए गए। इस साल अभी तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कुल 539 मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें से इस समय 64 का इलाज किया जा रहा है। मालूम हो कि पूर्वांचल के गोरखपुर महाराजगंज और कुशीनगर समेत 12 जिलों में इंसेफलाइटिस का प्रकोप है। इन जिलों के अलावा बिहार और नेपाल से भी जापानी इंसेफलाइटिस के मरीज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लाए जाते हैं। बीते शुक्रवार को तीस बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद प्रशासन हिल उठा था और राज्य सरकार को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है।

बीआरडी अस्पताल में हाल ही में 48 घंटे के भीतर 30 से अधिक बच्चों की मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग को लेकर बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई। इन बच्चों की मौत कथित तौर पर पर्याप्त संख्या में आक्सीजन सिलेंडरों की उपलब्धता नहीं होने के चलते हुई। अधिवक्तासुनीता शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश स्ािंह द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई किए जाने की संभावना है। इन याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उस अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से ये मौतें हुई हैं और हालांकि मस्तिष्क ज्वर से हर साल कई बच्चों की जानें जाती हैं, लेकिन यह जानते हुए भी इस विषाणु जनित बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए। याचिकाकर्ताओं ने इन मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ा दंड दिए जाने के लिए निर्देश जारी करने की भी अदालत से गुहार लगाई है।

इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मृतप्राय कांग्रेस बच्चों की मौत में संजीवनी ढूंढ़ने का प्रयास कर रही है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि मृतप्राय कांग्रेस बच्चों की मौतों में संजीवनी ढूंढने का घृणित प्रयास कर रही है। योगी सरकार अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के लिए संकल्पित है। बदहाल ढांचा सुधारने में समय अवश्य लग रहा है, लेकिन सरकार के इस दिशा में प्रयास सकारात्मक हैं।उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के प्रदर्शन को ‘नाटक’ करार दिया। त्रिपाठी ने तंज किया कि बब्बर जिस सद्बुद्धि के लिए रामधुन गाकर प्रदर्शन कर रहे हैं, यही रामधुन उन्हें उस समय गानी थी, जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एम्स को रायबरेली ले जा रही थीं। त्रिपाठी ने कहा कि सोनिया को सद्बुद्धि आ गई होती तो एम्स गोरखपुर में बनता जहां उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। ऐसा होता तो आज दिमागी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या में कमी होती।

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