वासुदेव इसरानी हत्याकांड :पजांब-हरियाणा सीमा पर भेजी टीम

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जोधपुर। पजांब-हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के शूटर काली राजपूत और हरेंद्र जाट पुलिस के साथ ही अब एसओजी के लिए भी चुनौती बनते जा रहे है। उनके पकड़ में नहीं आने के कारण एसआेजी ने अब जांच व तलाशी अभियान को तेज कर दिया है। उनके पंजाब-हरियाणा की सीमा पर होने की सूचना पर एक टीम वहां भेजी गई है। यह भी बताया गया है कि एसआेजी लॉरेंस विश्नोई को भी पूछताछ के लिए अजमेर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर जोधपुर ला सकती है।

व्यापारी वासुदेव इसरानी उर्फ वासु सिंधी हत्याकांड के मुख्य आरोपी हरेंद्र उर्फ हीरा जाट और काली राजपूत उर्फ शूटर साब अभी तक पुलिस व एसओजी के हाथ नहीं लगे है। इस हत्याकांड को घटित हुए आज पांच दिन पूरे हो गए है। इसके बावजूद इन शूटरों का सिर्फ सूचनाओं के अलावा कुछ पता नहीं चला है। गुरुवार को एसओजी को सूचना मिली कि ये पंजाब-हरियाणा की राजस्थान सीमा से लगे किसी गांव में हो सकते है। एेसे में एक टीम को वहां भेजा गया है लेकिन रात तक उनके पकड़े जाने के कोई समाचार या सूचना नहीं मिली थी। बताया गया है कि एसओजी इस मामले में पूरी एहतियात के साथ जांच व तलाश कर रही है। यह भी कहा जा रहा है कि जरूरत पडऩे पर एसओजी लॉरेंस विश्नोई को भी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर ले सकती है। हालांकि इस पर अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

बताया गया है कि पंजाब-हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और राजस्थान के दिवंगत गैंगस्टर आनंदपाल की गैंगों ने एक-दूसरे से हाथ मिला लिया है। पुलिस को मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार अब ये दोनों गैंग संयुक्त रूप से पूरे राजस्थान में अपना वर्चस्व फैलाने के लिए तैयार है। कहा जा रहा है कि दो हत्याएं करने के बाद इन गैंगों ने अब कुछ और बड़े कारोबारियों और व्यवसायियों को अपना निशाना बनाने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया है। इन जानकारों का कहना है कि राजस्थान विशेषकर जोधपुर की कमिश्नरेट पुलिस अगर अब भी नहीं चेती तो भविष्य में यहां के हालात भयावह हो सकते है।

जेल में हिन्दू बंदियों ने रखा व्रत

जोधपुर। सेंट्रल जेल में भी हिंदू बंदियों ने नवरात्रा के व्रत शुरू किए है। इसके साथ ही यहां आज सुबह घट स्थापना भी की। बंदियों ने नवरात्रा आरंभ होने से एक दिन पहले ही बैरक की साफ-सफाई कर घट स्थापना की जगह तय कर ली थी। साथ ही बंदियों ने यह निर्णय किया था कि जो बंदी व्रत रखेंगे, उनके खाने-पीने और अन्य कार्य में मुस्लिम बंदी हाथ बंटाएंगे। इसके लिए मुस्लिम बंदी व्रत के खोलने के समय बंदियों के लिए खाना पकाएंगे, उन्हें खाना खिलाएंगे। जोधपुर सेंट्रल जेल में वर्तमान में करीब 1450 बंदी है और इनमें से 511 बंदी नवरात्रा व्रत रख रहे है। जेल के बैरकों में घट स्थापना की गई है।

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