गाँव के लोग बने पहले पायलट प्रोजेक्ट “स्वजल” के मुखिया

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बाड़मेर टाइम्स ब्यूरो 

-स्वजल पायलट प्रोजेक्ट के लिए कमेटी का हुआ गठन
 
-देश के 115 जिलों में शामिल बाड़मेर का आसोतरा बनेगा नजीर

बाड़मेर- सामुदायिक स्तर पर पानी को लेकर सक्षम बनाने के लिए केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्वजल पायलट प्रोजेक्ट पर प्रदेश में भी काम शुरू हो गया है। देश के 115 जिलों में प्रदेश के 6 जिले शामिल किए गए है, जिनमें बाड़मेर का आसोतरा ग्राम पंचायत को शामिल है। बुधवार की रोज आसोतरा की ग्राम पंचायत में आयोजित राजस्व कैम्प में आयोजित ग्रामीण जन संवाद में गाँव के लोग जिले के पहले पायलट प्रोजेक्ट “स्वजल” के मुखिया बनाये गए। गाँव के लोगो ने आपसी संवाद के जरिये गाँव मे स्वजल पायलट प्रोजेक्ट के लिए कमेटी का गठन किया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के डब्ल्यूएसएसओ के आईईसी कंस्लन्टेन्ट अशोक सिंह राजपुरोहित ने बताया कि स्वजल पायलट प्रोजेक्ट के लिए आसोतरा का चयन किया गया है।इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत वर्षभर में हर घर में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के अलावा रोज़गार भी मिलेगा।

बाड़मेर जिले में इसकी शुरूआत आसोतरा ग्राम पंचायत से हुई है। बुधवार को ग्राम पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में ग्राम जल एवं स्वछता समिति का गठन किया गया। जिसमें सरपंच लूंगा देवी को अध्यक्ष एवम रतन सोनी को पदेन सचिव बनाया गया। इनके साथ समिति के कुल 16 सदस्य बनाये गए। इससे पहले आसोतरा की पेयजल की व्यवस्थाओं को लेकर जन संवाद का आयोजन किया गया जिसमें बोलते हुए आसोतरा की सुमित्रा राजपुरोहित ने कहा कि भूजल अत्यधिक मात्रा में खारा होने के चलते सतही जलप्रदाय योजना से गाँव को जोड़ना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए उन्होंने आसोतरा के स्वजल पायलट प्रोजेक्ट को बड़ी उपलब्धि बताया वही एक अन्य ग्रामीण दिलीप सिंह राजपुरोहित ने कहा कि आसोतरा की जनता के साथ साथ स्वजल का फायदा ब्रह्मधाम मन्दिर में आने वाले हजारो लोगो को भी मिलेगा। जनसंवाद में कई लोगो ने अपने विचार रखे।

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