दलित संगठनों ने बाड़मेर पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, आईजी घूमरिया को सौंपा ज्ञापन

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बाड़मेर टाइम्स ब्यूरो

बाड़मेर- दलित संगठनों ने आईजी हवासिंह घुमरिया से मिलकर पुलिस हिरासत में दलितों के हाथ-पैर तोड़ने एवं यातना देने, अपमानित करने वाले पुलिस अधिकारीयों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौपा। भारत बंद कार्यक्रम के संयोजक लक्ष्मण बडेरा ने आई.जी घूमरिया को सिलसिलेवार बताया कि 2 अप्रैल भारत बंद के दौरान सम्पूर्ण बाड़मेर शांतिपूर्वक बंद था। दलित विरोधी सामंती तत्वों ने अम्बेडकर सर्किल पर बंद समर्थक ओमप्रकाश व गोरधनराम के सिर पर जानलेवा वार कर घायल कर दिया। जिससे ओमप्रकाश व गोरधन राम गंभीर रूप से घायल हो गये। जिसे अस्तपताल ले गये। वहां से गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया था।

अम्बेडकर सर्किल पर करनी सेना जिंदाबाद के नारे लगाने वाले सामंती तत्वों के साथ चौकी पर तैनात ASI गजेसिंह व अन्य पुलिस वाले सामंती तत्वों को सहयोग देकर उकसा रहे थे। पूर्व नियोजित षडयंत्र के तहत घात लगाकर बैठे सामन्ती तत्वों ने बन्द समर्थकों पर पत्थरों व कांच की बोतलें फेकनी शुरू कर दी। जिससे बन्द समर्थकों को चोटें आई। फिर पुलिस ने दलितों पर बेरहमी से लाठी चार्ज कर चोटिल कर खदेड़ दिया और पुलिस के वज्र वाहन से अश्रु गैस के अंधाधुंध गोले छोड़कर लोगो को बेहाल कर दिया। दलितों को पीटने के लिये पुलिस गलियों में पीछा कर पीटती रही और लोगों में दहशत फैला दी। इस प्रकार पुलिस ने सामन्ती तत्वों के साथ मिलकर दलितों पर हमला किया था।

बन्द संयोजक लक्ष्मण बडेरा ने बताया कि नम्बर 4 स्कुल के पास घर जा रहे जटिया समाज के अध्यक्ष उमाशंकर  को लाठियों से पीटा व हंसराज  के सिर पर वार किया हेमराज को पीटा फिर उमाशंकर व हेमराज को गाड़ी में डालकर ले गई और पुलिस माहौल बिगाड़ने में लगी रही। सामन्ती तत्वों ने अनुसूचित जाति व जन जाति के लोगों के जो वाहन शहर से दो किलोमीटर दूर राजकीय अम्बेडकर छात्रावास में खड़े दो वाहनों को उल्टा करके व एक खड़े वाहन में आग लगा दी तथा अम्बेडकर चौराहे पर स्कॉर्पियो को आग लगा दी। अपराधियों को बचाने के लिये पुलिस ने गाड़ी मालिकों से मुकदमा नही करवाकर स्वयं हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करके आरोपियों को अनुसूचित जाति/जन जाति अत्याचार कानून से बचा लिया। यहां तक कि अम्बेडकर चोराहे पर स्थित दुकानों के ऊपर से पत्थरों व कांच की बोतलों से  हमला करने वालो व लाठियों लेकर हमला करने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही करके आरोपियों को पुलिस ने खुले आम संरक्षण दिया है। उसके बावजूद भारत बन्द के दौरान दलित समुदाय के किसी भी व्यक्ति ने किसी को चोट नही पहुचाई और नही किसी पर हमला किया उसके बावजूद भी पुलिस ने दलितों को फंसाने के लिये जानलेवा हमले व लुट व डकैती के झूठे व फर्जी मुकदमे दर्ज कर 43 दलितों को बिना जाँच व शिनाख्त के गिरफ्तार कर जेल भेजा तथा पुलिस ने दलितों में ख़ौफ़ पैदा करने के लिए दलित मोहल्लो में अंधाधुंध धर पकड करनी शुरू कर दी। जिससे दलितों में भारी असुरक्षा का माहौल पुलिस ने उत्पन्न किया।

लक्षमण बडेरा ने आईजी हवासिंह घूमरिया को बताया कि नगर परिषद कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहनलाल घूसर व पूर्व पार्षद कपिल घारू व वाल्मीकि समाज के अध्यक्ष गोपाल दास डुलगच को जिला क्लेक्टर के कहने पर R.A.S गुंजन सोनी ACEO के साथ कोतवाली समझाईश करने भेजा। लेकिन, पुलिस ने मोहनलाल घुसर व कपिल घारू को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में बेरहमी से मारपीट कर गालियां देकर अपमानित किया और पुलिस ने अपराधियों को छोड़ दिया और जात पूछकर सिर्फ दलित लोगों को गिरफ्तार किया। राजेंद्र मौर्य व राहुल ने कहा पुलिस ने कोतवाली में हाथ तोड़ा इस पर आईजी साहब ने जांचकर पुलिस के खिलाफ कार्यवाही करने का आश्वासन दिया साथ ही आईजी हवासिंह घूमरिया ने कहा कि सभी मामलों में गिरफ्तारियों पर रोक लगा दी है तथा तीसरी मांग भारत बन्द के दौरान दर्ज मुकदमों की जाँच बाड़मेर जिले से बाहर के अधिकारियों से करवाने पर सहमति दी है।

ज्ञापन के दौरान भाजपा ग्रामीण महामंत्री सवाईराम मेघवाल, नगर अध्यक्ष भाजपा मोहनलाल कुर्डिया, पूर्व मुख्य अभियंता ताराचंद जाटोल, जटिया समाज महामंत्री किशनलाल बडेरा, पूर्व पार्षद मोहन लाल सोलंकी, जगदीश जीनगर, गोमरख धाम के महन्त राजूदास महाराज, मोहनलाल व कालूराम गर्ग, रमेश बडेरा, मिश्रीमल मौर्य, नन्द किशोर खिंची, शंकर लाल दहिया, रतन चन्देल, हिरालाल खोरवाल, हंसराज गोसाई, महेंद सुवासिया, राजेन्द मौर्य, मिश्रीमल मौर्य, हेमराज मोसलपुरिया, राहुल फुलवारिया, श्रवण सिंघाडिया, मदन मोसलपुरिया, ललित जीनगर शामिल थे।

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