भीषण गर्मी में सरहदी इलाकों में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि, जिम्मेदार मौन

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अशोक दईया

बाड़मेर टाइम्स ब्यूरो 

-दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण 

बाड़मेर (शिव) पश्चिमी राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर को सूखा प्रदेश कहा जाने के साथ ही यहां पानी की किल्लत बरसों से रही है। जहां अक्सर सीमावर्ती इलाकों में महिलाओं को सिर पर मटके उठाए दूर-दूर से पानी लाते हुए व गहरे कुओं से पानी सींचते देखा जा सकता है। मई माह की इस भयंकर गर्मी में पारा जहां 45 डिग्री को पार कर गया है वहीं पानी की किल्लत की समस्या सरहदी लोगों को सताने लगी है। जहां मानव को क्या पशुओं तक को पीने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा।

मामला शिव क्षेत्र के आकली ग्राम पंचायत का है। जहां राम के साथ राज भी रूठ गया है। राम इसलिए रूठ गया कि बरसात नहीं की और राज की बात करें तो राज के लोग भी पेयजल की किल्लत से जूझ रहे इस गांव की सुध भी नहीं ली। वहीं भीषण गर्मी के कारण जलस्त्रोत सूख चुके है।

जीएलआर में नहीं आता पानी, ग्रामीण त्रस्त

ग्रामीणों का कहना है कि जीएलआर में पानी नहीं नहीं आने के कारण ग्रामीण त्रस्त है वहीं कई महीनों से खेली (पशुओं के लिए बनी पानी की होदी) खाली पड़ी है। उनका कहना है कि पशु तो क्या मानव तक को पीने के लिए पानी नहीं है।

ग्रामीणों ने निजी खर्चे से दो किलोमीटर बिछाई पाईप लाइन 

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट के कारण गायों सहित कई पशुओं ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने अपने निजी खर्चे से दो किलोमीटर की दूरी में 500 पाईप बिछाकर पाईप लाइन बिछाई और इंजन लगाकर पाईप लाइन को बेन्टोनाइट खान से गांव तक लाया गया। जिसके बाद लगभग हफ्ते भर से पशुओं को पीने को पानी मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इंजन चलाने के लिए डीजल की आवश्यकता रहती है। लेकिन, यहां नजदीकी क्षेत्रों में डीजल नहीं मिल पाने के कारण पेयजल संकट ग्रामीणों सहित पशुओं के लिए विकट समस्या बन हुआ है।

दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की समस्या से वे जलदाय विभाग सहित समस्त जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। लेकिन, कोई भी जिम्मेदार अधिकारी पेयजल की इस विकट समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा। ऐसे में आमजन के हाल बद से बदतर हो चुके है। पानी के लिए पूरे गांव में त्राहि-त्राहि मची हुई है। यहां तक कि यहां के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर है।

पेयजल के लिए स्वीकृत 5 करोड़

गौरतलब है कि शिव विधानसभा के विधायक कर्नल मानवेन्द्रसिंह पेयजल की गम्भीर समस्या को देखते हुए विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जन स्वास्थ्य एवं अभियान्त्रिक विभाग के मंत्री सुरेन्द्र गोयल को पेयजल की गम्भीर समस्या के निस्तारण हेतु नवीन योजनाओं की मांग कर पांच करोड़ की पेयजल की नवीन योजनाएं स्वीकृत करवा चुके हैं। लेकिन, ग्रामीणों के लिए पेयजल के समस्या अभी तक जस की तस बनी हुई है।

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