एनएचएम के जिला स्तरीय प्रबंधकीय स्टाफ की क्षमतावर्धन हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न 

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बाड़मेर टाइम्स ब्यूरो 

-आशा समन्वयको व शहरी कार्यक्रम प्रबंधक ने लिया भाग

बाड़मेर- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला स्तरीय शहरी कार्यक्रम प्रबंधक व आशा समन्वयक की क्षमतावर्धन के लिये दो दिवसीय मैनेजमेंट स्किल्स प्रशिक्षण कार्यक्रम अचरोल हाउस जयपुर में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण प्रदेश से 90 प्रबंधकीय कर्मियों ने भाग लिया।

स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन की पहल पर पहली बार एनएचएम के जिला स्तरीय प्रबंधकीय कामिकों हेतु इस प्रकार के प्रबंधकीय कौशल के विकास का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियो को 7 समूहों क्रमशः लक्ष्य, आरोग्य, आयुष्मान, भामाशाह, अंतरा, ईमपेक्ट व दक्षता समूहों में बाटां जाकर विभिन्न सत्रों में विश्वस्तरीय प्रबंधकीय सिद्धान्तों के विभिन्न सत्र आयोजित कर सजीव उदाहरणों द्वारा प्रशिक्षित किया गया।

आइस ब्रेकिंग द्वारा शुरूआत की जाकर विभिन्न सत्रों में संभागियों को अनेक अभ्यास सत्रों में लीडरशिप, टीम मैनेजमेंट, मोटिवेशन, कम्युनिकेशन, स्ट्रेस मेनेजमेनट सहित महत्वपूर्ण प्रबंधकीय माड्यूल पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी।

जिला आशा समन्वयक राकेश भाटी ने बताया की प्रथम दिन के प्रथम सत्र में विभिन्न प्रकार की आईस आईस ब्रेकिंग गतिविधियां आयोजित की गई तथा  द्वितीय सत्र में अन्तरराष्ट्रीय सर्टिफाइड श्री निलेश गोस्वामी ने विभिन्न गतिविधियों द्वारा स्ट्रेस मेनेजमेनट के उपाय बताए । दूसरे दिन प्रातःकाल 7 बजे टग आफ वार खेल के माध्यम से टीम भावना के बारे में संभागियों को बताया गया।

दूसरे दिन के सत्र की शुरुआत माउंट एवरेस्ट- 1996 अभ्यास सत्र के माध्यम से की गई । मिशन निदेशक एनएचएम श्री नवीन जैन ने किसी भी प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन हेतु बेहतर प्लानिंग, निर्धारित गाईड लाईंस का फोलोअप, ओवर कांफिडेंस के नुकसान, लाजिस्टिक्स का सदुपयोग, टीम भावना, बेहतर समन्वय, पूर्व अनुभव, दूरदर्शिता इत्यादि प्रबंधकीय महत्वपूर्ण तथ्यों से संभागियों को अवगत कराया। भाटी ने बतया की कार्यशाला के दोरान विश्व विख्यात पर्वतारोही श्री गौरव ने अपने माउंट एवरेस्ट चड़ाई के सजीव चित्रण द्वारा अपने अनुभव साझा किये।

द्वितीय सत्र में चायनीज विस्पर खेल के माध्यम से प्रतिभागियों को बेहतर कम्युनिकेशन के आवश्यक नियम ड़िलीशन, ड़िटीरियोनेशन व ड़िसटोर्शन के बारे में अवगत कराया गया ।

जैन ने बताया कि प्रत्येक कार्य को समय पर एवं गुणवत्ता के लिये पूर्ण करने के लिये उस कार्य से जुड़ी टीम में बेहतर संचार समन्वय एवं टीम भावना का होना आवश्यक है। उन्होंने अनेक उदाहरणों द्वारा प्रभावी संचार एवं बेहतरीन टीम भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लर्निंग प्रोसेस जीवन में हमेशा निरन्तर चलती रहती है। किसी भी व्यक्ति को अपने जीवन में ज्ञान लेने की प्रक्रिया हमेशा जारी रखनी चाहिये। इससे न केवल व्यक्ति अपने कार्य में दक्ष होता है साथ ही उसके आगे बढ़ने की अवसरों में बढ़ोतरी होती है।

जैन ने विपरीत परिस्थितियों में अनुकूल परिणाम प्राप्त करने में टीम के प्रत्येक सदस्य की सहभागिता को प्राथमिकता देते हुये लक्ष्य अर्जित करने हेतु प्रेरित किया। प्रशिक्षण के समापन सत्र में जैन एवं  JCEO, भामाशाह स्वास्थ्य बिमा योजना आशीष मोदी  ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संभागियों को पुरस्कृत किया।

प्रशिक्षण में SPM डॉ. जलज विजय,  एसनओ प्रेम सिंह, हिमांशु गुप्ता सहित राज्य स्तरीय सलाहकार ललित त्रिपाठी, डॉ. हेमलता यादव, शशांक पाठक, प्रियंका कपूर, नेहा पारीक, अभिषेक शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी अशोक स्वर्णकार की अगुवाई में कुल 7 दलों में शामिल 90 प्रतिभागियों ने एवं बाड़मेर जिले से जिला आशा समन्वयक राकेश भाटी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

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