राजस्थान में केंद्रित परियोजनाएं शुरू कराने पहली बार आएंगे मोदी

147

पाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त को राजस्थान के उदयपुर में आएंगे। राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद राजस्थान केंद्रित परियोजनाएं शुरू कराने के लिए यह उनका पहला दौरा होगा। वे यहां करीब 28 हजार करोड़ की सडक व अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे को सफल बनाने के लिए सरकार जोर-शोर से तैयारी कर रही है। उनकी सभा में डे़ढ़ से दो लाख लोगों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पूरी तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने दौरे शुरू कर दिए हैं और उदयपुर संभाग व पूरे राज्य के हर बूथ से लोगों और कार्यकर्ताओं को लाने की तैयारी की जा रही है। वैसे तो प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी तीसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। उनका पहला दौरा फरवरी 2015 में हुआ था, जब वे श्रीगंगानगर के सूरतग़़ढ में मृदा स्वास्थ्य कार्ड की राष्ट्रीय स्तर की योजना की शुरआत के लिए आए थे। इसके बाद वे पिछले वषर्ष विकासशील देशों के राष्ट्र प्रमुखों के सम्मेलन के लिए यहां आए थे, लेकिन यह पहली बार है जब वे सिर्फ राजस्थान से जुड़ी योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण के लिए आ रहे हैं। राजस्थान सरकार ने उन्हें वषर्ष 2014 में अपने महत्वाकांक्षी निवेश सम्मेलन रिसर्जेट राजस्थान के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद केंद्र सरकार के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर अजमेर में आयोजित कार्यक्रम में भी उनके आने का कार्यक्रम टल गया था। राजस्थान के प्रति इस उदासीनता को मोदी और मुख्यमंत्री राजे के बीच तनावपूर्ण रिश्तों से जो़ड़कर देखा जाता रहा है। अब पहली बार वे एक ऐसे कार्यक्रम के लिए आ रहे है जो मुख्य रूप से राजस्थान की परियोजनाओं से जुड़ा है। वे यहां किशनग़़ढ-उदयपुर-अहमदाबाद सिक्स लेन परियोजना का शिलान्यास करेंगे, जो राजस्थान एवं गुजरात को स़़डक मार्ग से जोड़ेगा। करीब साढे पांच सौ किलोमीटर लंबी यह परियोजना लंबे समय से अटकी थी। इसके अलावा उदयपुर से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जयपुर की रिंग रोड परियोजना के 97.75 किमी के दूसरे चरण का शिलान्यास, कोटा के हैंगिंग ब्रिज का लोकार्पण और अन्य कई परियोजनाओं की शुरआत करेंगे। केंद्रीय स़़डक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी उनके साथ होंगे। विधानसभा चुनाव पर नजर साढ़े तीन वर्ष तक राजस्थान के प्रति उदासीनता के बाद अब प्रधानमंत्री के इस दौरे को अगले वषर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों की मानें तो आने वाले समय में राजस्थान में उनके दौरे ब़़ढ सकते हैं। राजस्थान सरकार सितंबर या अक्टूबर में उन्हें बाड़मेर में स्थापित होने वाली रिफाइनरी के शिलान्यास के लिए भी बुलाने की तैयारी कर रही है। राजस्थान में उदयपुर संभाग को सत्ता का द्वार माना जाता है। उदयपुर संभाग से सात लोकसभा सीटें उदयपुर, बांसवाडा-डूंगरपुर, जालोर-सिरोही, पाली, राजसमंद, चित्तौ़ड़गढ और भीलवाड़ा जुड़ी हुई है। इन सभी पर अभी भाजपा का कब्जा है। वहीं, उदयपुर से जुड़ी हुई है। इन सभी पर अभी भाजपा का कब्जा है। हुई 37 विधानसभा सीटे हैं जिनमें से 34 भाजपा के पास तो दो कांग्रेस और एक निर्दलीय के पास है। इसके साथ ही उदयपुर गुजरात से भी जुड़ा हुई है। इन सभी पर अभी भाजपा का कब्जा है। हुआ है। ऐसे में यहां होने वाली सभा का फायदा गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी मिल सकता है। राहुल के दौरों का जवाब भी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पिछले एक माह में दो बार इस संभाग में आ चुके हैं। वे 19 जुलाई को बांसवाडा में किसानों की रैली संबोधित करके गए थे। इसके बाद चार अगस्त को जालौर, सिरोही के बा़ढ़ पीडितों से भी मिल कर गए हैं। मंदसौर में किसान आंदोलन में जाने के लिए भी उन्होंने उदयपुर का रास्ता चुना था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here