मेवाड़ के रास्ते मारवाड़ की लोकसभा सीटों पर निगाहें

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उदयपुर में मोदी की सभा से राजस्थान के साथ गुजरात को भी साधेगी पार्टी
रोहित पारीक
पाली। लोकसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के मेवाड़ के रास्ते मारवाड़ और गुजरात को साधना चाह रहे है। मोदी इस माह के अंत तक उदयपुर में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीब ढाई साल बाद प्रदेश में दूसरा बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है। जिसमें वे जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले फरवरी 2015 में उन्होंने गंगानगर के सूरतगढ़ से राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की लॉन्चिग की थी। मोदी का पिछले साल मई में केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम में अजमेर आने का कार्यक्रम तय हुआ था, लेकिन एनवक्त पर यह दौरा रद्द हो गया था। इस लिहाज से अब उनका प्रदेश दौरा महत्वपूर्ण हो गया है। पीएम मोदी यूं तो प्रदेश की कई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे। लेकिन, उदयपुर में पीएम की सभा के पीछे राजस्थान के मारवाड़ और पड़ोसी राज्य गुजरात को साधने का मकसद है।
ऐसे सधेगा मारवाड़
उदयपुर में कार्यक्रम का मतलब 7 लोकसभा सीटें उदयपुर, बांसवाड़ा-डूंगरपुर, जालोर-सिरोही, पाली, राजसमंद, चित्तौडग़ढ़ और भीलवाड़ा को सीधे प्रभावित करना है। सभी पर भाजपा का कब्जा है। उदयपुर की सीमा 7 जिलों से लगती है। इनमें कुल 37 विधानसभा सीटें हैं। इनमें 34 भाजपा के पास है और एक भाजपा समर्थित निर्दलीय हैं। कांग्रेस के खाते में सिर्फ 2 सीटें हैं। इस लिहाज से भाजपा का यह मजबूत गढ़ है। मोदी की सभा से भाजपा अपने समर्थकों में जोश भरने की कोशिश करेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पिछले 2 माह से सबसे अधिक प्रदेश के इसी क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे इस अवधि में उदयपुर, बांसवाड़ा और जालौर का दौरा कर चुके हैं। इसी 4 अगस्त को राहुल गांधी ने बाढ़ प्रभावित सांचौर एवं बाड़मेर क्षेत्र का दौरा किया। गत 19 जुलाई को बांसवाड़ा में किसान सम्मेलन को संबोधित किया। इससे पहले 8 जून को मंदसौर जाने के लिए उदयपुर पहुंचे थे। इससे कांग्रेसियों का उत्साह बढ़ा है। इसकी काट में भाजपा ने यह कार्यक्रम तय किया है।
गुजरात चुनाव पर सीधी नजर
उदयपुर की सीमा गुजरात प्रांत से सटी हुई है। गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव हैं। कार्यक्रम में वे किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद सिक्स लेन परियोजना की शिलान्यास करेंगे। जो राजस्थान एवं गुजरात को सडक़ मार्ग से जोड़ेगा। करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर लंबी यह परियोजना लंबे समय से अटकी थी। इसका चुनावी फायदा लेने की कोशिश होगी। इसलिए, उदयपुर जिले से सटे गुजरात राज्य से भी भीड़ यहां लाई जा सकती है।
पाटीदारों को साधने की भी कोशिश
गुजरात में पाटीदारों के अगुवा हार्दिक पटेल अपने निर्वासन काल में उदयपुर में रहे थे। पिछले दिनों पटेल कई मर्तबा यहां आ चुके हैं। ऐसे में पटेल की काट भी इसी इलाके में खोजी जा रही है। हार्दिक की इस इलाके में बढ़ रही गतिविधियों पर अंकुश लगाने के मकसद से ही पीएम मोदी का यह कार्यक्रम तय किया गया है।

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