सर्विस चार्ज से कमाई करेगी सरकार

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केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियां कहां कहां से कमाई कर रही हैं और कमाई के कैसे कैसे रास्ते निकाल रही हैं, यह देखना हैरान करने वाला है। बैंकिंग सेवाओं के बदले कमाई के जितने रास्ते खुले हैं, वे हैरान करने वाले हैं। एक खबर आई है कि बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर लगाए जाने वाले जुर्माने से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को दो महीने में 235 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। अगर ऐसा है तो यह पैसा किसी अमीर आदमी का तो नहीं ही होगा क्योंकि न्यूनतम बैलेंस तो गरीब, मजदूर, किसान और छात्र के खाते में ही नहीं होता है। बहरहाल, ताजा खबर यह है कि सरकार होटलों में लगने वाले सर्विस चार्ज पर आय कर लगाने की तैयारी कर रही है। पहले तो सरकार ने 14.5 फीसदी के सर्विस टैक्स को जीएसटी में बढ़ा कर 18 फीसदी कर दिया है। होटलों और रेस्तरां में इसके ऊपर आठ से दस फीसदी तक सर्विस चार्ज लगाया जाता है। सो, पहले तो सरकार ने होटल और रेस्तरां वालों को चेतावनी दी और कहा कि वे सर्विस चार्ज नहीं लगाएं। सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने लोगों को भी समझाया कि वे होटलों में सर्विस चार्ज नहीं दें। लेकिन मंत्री का इकबाल ऐसा है कि किसी ने उनकी बात नहीं मानी। होटलों और रेस्तरां में लोगों को लूटने का सिलसिला जारी रहा। आठ से दस फीसदी सर्विस चार्ज लिया जाता रहा। जब सरकार का जोर होटल और रेस्तरां पर नहीं चला तो अब उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आय कर विभाग से कहा है कि वह सर्विस चार्ज के ऊपर आय कर वसूले। मंत्रालय का कहना है कि होटल और रेस्तरां वाले लोगों से सर्विस चार्ज ले लेते हैं और उसे अपने खाते में नहीं दिखाते हैं। सो, आय कर विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए। इसका मतलब है कि सरकार लोगों से हो रही लूट नहीं रोक सकी तो लूट की कमाई में अपना हिस्सा लेने की तैयारी कर ली है।

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