कांग्रेस के फैसले और चिंतन

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New Delhi : Congress Party Vice President Rahul Gandhi at a meeting with members of the Fishermens' Congress in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Shirish Shete(PTI9_6_2017_000091A)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अमेरिका से लौटने के बाद पार्टी संगठन और रणनीति को लेकर कुछ बड़े फैसले होंगे। नार्वे से लौटने के बाद राहुल ने लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठक की है और राज्यों का दौरा भी किया है। वे गुजरात और महाराष्ट्र गए। उन्होंने ओड़िशा, बिहार और हिमाचल प्रदेश के नेताओं से मुलाकात की। साथ ही प्रदेश संगठनों में बदलाव के बारे में भी विचार विमर्श किया।

राहुल गांधी इसी हफ्ते अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं। पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि वहां से लौटने के बाद कांग्रेस संगठन में बदलाव और पार्टी के चिंतन शिविर के बारे में फैसला होगा। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कई राज्यों के कांग्रेस नेताओं के साथ बातचीत में सोनिया और राहुल गांधी को अगले चुनाव के बारे में फीडबैक मिली है। कांग्रेस के कई नेता मान रहे हैं कि इस समय कांग्रेस को अपने संगठन की ताकत बढ़ाने और अकेले दम पर राज्यों में पहुंच बनाने का प्रयास करना चाहिए।

बिहार कांग्रेस के नेताओं ने भी राहुल गांधी से कहा कि पार्टी को लालू प्रसाद से तालमेल खत्म करके अकेले राजनीति करनी चाहिए। हालांकि ऐसा सुझाव देने वाले नेताओं के निहित स्वार्थ हैं। लेकिन पार्टी इस बारे में गंभीरता से विचार कर रही है। अगले महीने कांग्रेस संगठन में अहम बदलाव होना है। यह फैसला हो जाएगा कि राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष बनेंगे या नहीं। अगर राहुल अभी कमान नहीं संभालते हैं तो सोनिया गांधी को नए कार्यकाल के लिए चुना जाएगा। इस बार पार्टी उनके कार्यकाल के विस्तार के लिए चुनाव आयोग में नहीं जाएगी। और अगर राहुल अध्यक्ष बन जाते हैं तो सोनिया गांधी कांग्रेस और यूपीए की संयोजक के तौर पर काम करेंगी।

इसके बाद या कांग्रेस महाधिवेशन के साथ ही चिंतन शिविर का आयोजन भी हो सकता है। इसमें पार्टी को कई अहम मसलों पर सिद्धांत तय करना है। पार्टी के जानकार सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाए जाने के बाद गठबंधन के बारे में कांग्रेस को नई रणनीति बनानी होगी। प्रादेशिक क्षत्रपों के बारे में नए सिरे से सोचना होगा। इसके अलावा पार्टी को इस बारे में भी फैसला करना है कि कांग्रेस छोड़ कर गए नेताओं खास कर ममता बनर्जी, शरद पवार, जीके वासन और जगन मोहन रेड्डी के साथ तालमेल के लिए किस तरह से बात आगे बढ़ानी है।

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