सात राज्यों में राज्यपालों की जरूरत

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केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल के बाद अब राज्यपालों की नियुक्ति की अटकलें तेज हो गई हैं। जल्दी ही सात राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति हो सकती है। कुछ राज्यों में तो राजनीतिक हालात को देखते हुए पूर्णकालिक राज्यपाल की जरूरत महसूस की जा रही है। महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव तमिलनाडु का भी कामकाज संभाल रहे हैं, जबकि इस समय तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी उथलपुथल मची हुई है। सत्तारूढ़ पार्टी के 21 विधायक बागी हो गए हैं और विपक्षी पार्टियां सरकार से बहुमत साबित करने की मांग कर रही हैं। पर कार्यवाहक राज्यपाल फैसला टाल रहे हैं। पिछले साल सितंबर में के रोसैया के रिटायर होने के बाद एक साल से तमिलनाडु के राज्यपाल का पद खाली है। इसी तरह मध्य प्रदेश में भी राज्यपाल का पद एक साल से खाली है। पिछले साल सितंबर में राम नरेश यादव के रिटायर होने के बाद से ही गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली मध्य प्रदेश के प्रभारी राज्यपाल के तौर पर काम कर रहे हैं। बिना राज्यपाल वाला तीसरा बड़ा राज्य बिहार है। राष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित होने के बाद रामनाथ कोविंद ने इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद पिछले करीब तीन महीने से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी बिहार का कामकाज संभाल रहे हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का मामला तो और भी खास है। जून 2014 में तेलंगाना बनने के बाद से पिछले तीन साल से ज्यादा समय से वहां का काम आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ईएसएल नरसिंहन देख रहे हैं। वहां भी पूर्णकालिक राज्यपाल की नियुक्ति होनी है। ऐसे ही पूर्वोत्तर के दो राज्यों में भी प्रभारी राज्यपालों से काम चल रहा है। नगालैंड के राज्यपाल पद्मनाभ आचार्य अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी राज्यपाल के रूप में काम कर रहे हैं। असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को मेघालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इन सात राज्यों के अलावा जम्मू कश्मीर के बारे में चर्चा है कि वहां नए राज्यपाल की नियुक्ति हो सकती है। राज्यपाल एनएन वोरा का दूसरा कार्यकाल चल रहा है और पिछले दिनों ऐसी खबर आई थी कि वोरा को हटाया जा रहा है। गौरतलब है कि वे दिल्ली के प्रतिष्ठित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के अध्यक्ष चुने गए हैं। उनके करीबी जानकारों का कहना है कि वे खुद मान रहे हैं कि सरकार उनको राज्यपाल से हटाने जा रही है। तभी उन्होंने आईआईसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देने का फैसला किया है।

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