लोकसभा सीटों के उपचुनाव में परीक्षा

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जल्दी ही देश में सरकार की लोकप्रियता और विपक्ष की तैयारियों की नब्ज बताने वाले कुछ उपचुनाव हो सकते हैं अलग अलग कारणों से अलग अलग राज्यों में लोकसभा की सीटें खाली हो रही हैं या हो चुकी हैं। इन सीटों पर अगले दो तीन महीने में चुनाव होंगे। ये चुनाव भाजपा के लिए तो प्रतिष्ठा वाले होंगे ही साथ ही विपक्ष के लिए भी बेहद अहम होंगे। विपक्ष को इसमें अपनी ताकत दिखानी होगी और उससे पहले यह दिखाना होगा कि वे एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। जम्मू कश्मीर, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में लोकसभा की एक एक सीट खाली हो गई है और उत्तर प्रदेश में दो सीटें खाली हो रही हैं। इन पांच सीटों पर एक साथ चुनाव होना चाहिए। अगर सुरक्षा खतरे की वजह से जम्मू कश्मीर की अनंतनाग सीट पर चुनाव टलता है तब भी चार सीटों पर एक साथ चुनाव होंगे। अनंतनाग सीट मेहबूबा मुफ्ती के इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री बनने के बाद से खाली है। माना जा रहा है कि श्रीनगर सीट पर हुए उपचुनाव में मेहबूबा की पार्टी की हार के बाद किसी न किसी बहाने से अनंतनाग का चुनाव टाला जा रहा है क्योंकि मेहबूबा वहां से अपने भाई को चुनाव लड़ाना चाहती हैं।  पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया सीट सुल्तान अहमद के निधन से खाली हुई है। सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। इससे पहले राजस्थान के अजमेर से सांसद रहे सांवरलाल जाट का निधन हो गया था। इन सीटों की वैकेंसी मिलने के बाद चुनाव आयोग तारीखें तय करेगा। इस बीच उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटें खाली होने वाली हैं। विधान परिषद के लिए चुने जाने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य फूलपुर से इस्तीफा देंगे।

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