सहयोगियों के लिए अलग फेरबदल!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए में शामिल घटक दलों के लिए अलग से फेरबदल कर सकते हैं। भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि एक महीने में ही यह फेरबदल हो सकती है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो संसद के शीतकालीन सत्र से पहले जनता दल यू, अन्ना डीएमके, शिवसेना और टीडीपी के कुछ मंत्री सरकार में शामिल हो जाएंगे। इसमें सिर्फ शिवसेना को लेकर थोड़ी आशंका है बाकी तीन पार्टियों को लेकर सब कुछ ठीक होने का दावा किया जा रहा है। शिवसेना के साथ भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस और एनसीपी को विपक्ष का स्पेस लेने से रोकने के लिए भाजपा और शिवसेना आपस में पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। तभी कहा जा रहा है कि उसकी ओर से अनिल देसाई या आनंदराव अडसुल में से कोई एक मंत्री बन सकता है।

जनता दल यू और अन्ना डीएमके के बारे में माना जा रहा है कि इन दोनों के अंदरूनी झगड़े की वजह से इनको सरकार में नहीं लिया गया। यह भी कहा जा रहा है कि संभावित मंत्रियों के अलावा बाकी नेताओं को इसकी जल्दी भी नहीं है। इसलिए भी मामला टल गया। तमिलनाडु में बहुत उथलपुथल है। वहां 21 विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है और उस संकट को खत्म करने का प्रयास चल रहा है। सरकार के बहुमत साबित करने के बाद वह संकट सुलझेगा। सो, उसका इंतजार किया जा रहा है।

भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि जनता दल यू को शिवसेना की तरह नहीं हैंडल किया जा सकता है। महाराष्ट्र में शिवसेना के सामने अकेले चलने के सिवा के कोई विकल्प नहीं है। कांग्रेस और एनसीपी उसके साथ चुनावी तालमेल नहीं करेंगे। लेकिन बिहार में जदयू के साथ ऐसा नहीं है। इसलिए जदयू को बहुत सावधानी से हैंडल करना होगा। तभी कहा जा रहा है कि पार्टी के चुनाव चिन्ह का विवाद सुलझने और मंत्रालयों पर सहमति बनते ही उसके दो मंत्रियों के सरकार में आने का रास्ता साफ हो जाएगा। टीडीपी से एक नया मंत्री बनना है। इस बार उनको इसलिए मौका नहीं मिला कि अगर टीडीपी का मंत्री बनाते और जदयू का नहीं बनता तो ज्यादा विवाद होता। इसलिए उनको भी इंतजार करने के लिए कहा गया।

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