मंगलम बिल्डर्स ग्रुप पर आयकर विभाग ने कसा शिकंजा, बेनामी प्रॉपर्टी की अटैच

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राजस्थान में आयकर विभाग ने बेनामी प्रॉपर्टी के खिलाफ अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने जिस बेनामी प्रॉपर्टी को अटैच किया है वो प्रदेश के जाने-माने रिएल एस्टेट बिल्डर्स एवं डवलपर्स की सामने आ रही है. इस कार्रवाई में खुलासा हो रहा है कि उपभोक्ताओं को सुनहरे ख्वाब और विश्वास का झांसा देकर इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा था. राजस्थान में आयकर विभाग ने कार्रवाई करते हुए मंगलम बिल्डर्स समूह की बेनामी संपत्तियों को अटैच कर दिया है. बेनामी संपत्ति कानून के तहत मंगलम बिल्डर्स समूह की जयपुर में तीन दर्जन से ज्यादा संपत्तियां अटैच की गई हैं. विभाग ने मंगलम बिल्डर्स समूह की जयपुर के आमेर, सांगानेर, चाकसू, सिरसी, जमवारामगढ़, शाहपुरा में बड़े पैमाने पर जमीनें अटैच की हैं. विभाग की बेनामी विशेष यूनिट ने बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई करते हुए मंगलम बिल्डर्स ग्रुप की करोड़ों रूपए की जमीनों को अटैच किया है. छानबीन में खुलासा हुआ है कि मंगलम बिल्डर्स समूह ने अपने की अनूसूचित जाति और अनूसूचित जनजाति के कर्मचारियों के नाम पर बड़े पैमाने पर जमीनों का गोरखधंधा किया है. ग्रुप ने एससी-एसटी वर्ग के भोले-भाले कर्मचारियों को फर्जी कंपनियों के निदेशक मंडल में शामिल किया. फर्जी कंपनियों के जरिए एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों के नाम पर जयपुर जिले में अधिकांश एससी एसटी वर्ग की सभी जमीनों को अवैध तरीके से मंगलम ग्रुप ने खरीदा है. केन्द्रीय जांच एजेन्सियों की गहन छानबीन में खुलासा हुआ है कि मंगलम ग्रुप के मालिकों ने अपने कर्मचारी बिहारीलाल, मंगलाराम और रामलाल वर्मा के नाम पर एससी एसटी वर्ग की जमीनों का गोरखधंधा किया है. आयकर विभाग की कार्रवाई में एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों के नाम पर जो जमीन खरीदी हैं उसे देखकर आप चौक सकते हैं, क्योकि नाम-मात्र का आयकर रिटर्न भरने वाले मंगलम बिल्डर्स ने जयपुर में ही बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां खरीद ली हैं. जयपुर की खसरा नं. 1988 भूमि , सांगानेर में खसरा नं. 265 व 399 की जमीनें, सांगानेर की खसरा नंबर 1312 भूमि, सिरसी में खसरा नं. 1988 की पांच बीघा जमीन, जमवारामगढ़ में खसरा नं. 257 व 378 की जमीनें सिर्फ एस-एसटी वर्ग के कर्मचारियों के नाम पर फर्जी कंपनियों के जरिए खरीदी गई हैं. आयकर विभाग ने मंगलम बिल्डर्स द्वारा अनूसूचित जाति और अनूसूचित जनजाति के कर्मचारियों के नाम पर खरीदी बेनामी संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कस दिया है. आयकर विभाग ने मंगलम बिल्डर्स समूह की इन 38 बेनामी संपत्तियों को अटैच कर बेनामीदार और जमीन के निवेशकों को नोटिस थमा दिए हैं. आयकर नोटिस के बाद यदि बेनामीदार और कालेधन के निवेशक सही जानकारी आयकर विभाग को नहीं दे पाते हैं तो बेनामीदार और कालेधन धन के निवेशकों को बेनामी संपत्ति कानून के तहत जेल की सलाखों के पीछे तो जाना ही पड़ेगा, साथ ही बेनामी संपत्ति कानून के तहत इन सभी संपत्तियों को जब्त भी किया जा सकता है.

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