जलाशयों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन रोकने के लिए लगेंगे अस्थायी बेरिकेड्स

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जोधपुर। शहर में गणेश चतुर्थी से शुरू हुए 11 दिवसीय गणेश महोत्सव का समापन 5 सितंबर को विभिन्न जलाशयों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ होगा। इधर, प्रशासन पारंपरिक जलस्रोतों में मूर्ति विसर्जन पर हाईकोर्ट की रोक की पालना करने में जुट गया है। नगर निगम ने पदमसर में इस बार गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन नहीं करने के इंतजाम के चलते यहां बेरिकेड्स लगाने का काम शुरू कर दिया है। पदमसर में गत वर्ष तक शहर के विभिन्न इलाकों में बिराजमान की गई करीब 150 से ज्यादा गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए लाई गई थी। हालांकि गत वर्ष गणेश विसर्जन के कुछ दिन पहले ही हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात 4 अक्टूबर 2016 को जलाशय को प्रदूषित करने वाली तमाम वस्तुओं के तालाब में डालने पर रोक लगा दी थी, लेकिन उस समय तक प्रशासन के वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने से शहर के विभिन्न इलाकों से जुलूस के साथ पहुंची 150 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन रोक नहीं पाया था।
पदमगढ़ जल संरक्षण समिति के जयप्रकाश दवे और पंडित वीरेंद्रराज जोशी ने इस बार गणेश विसर्जन के पहले ही ज्ञापन सौंपकर निगम, प्रशासन पुलिस को हाईकोर्ट के आदेश की पालना करने के लिए अवगत करवाया तो सभी हरकत में गए।
लगाए अस्थाई बेरिकेड्स
प्रशासन के सामने इस बार पदमसर में होने वाली 150 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के वैकल्पिक इंतजाम करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। निगम अफसरों का कहना है कि हमने हाईकोर्ट के आदेश की पालना में बेरिकेड्स लगाने का काम शुरू कर दिया है। अब पुलिस प्रशासन को पदमसर में गणेश प्रतिमाएं विसर्जित नहीं हो, इसके पुख्ता इंतजाम के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर विसर्जन के लिए नया स्थान चिह्नित करना होगा, साथ ही यह व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी कि एक भी गणेश प्रतिमा पदमसर में विसर्जित हो।

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